स्तम्भ प्रकाशन आगरा का साहित्यिक किताबों का प्रमुख प्रकाशन है। जिसके द्वारा आगरा के कई उत्कृष्ट लेखकों की पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है। जिनमें निम्नलिखित प्रमुख हैं :-
१- आख़िर कब तक ? (काव्य संकलन) लेखक - गिरीश अश्क
२- अंधेरे के खिलाफ (कहानी संकलन) लेखक - डॉक्टर - राकेश कुमार सिंह
३- कोई वज़ह तो होगी (उपन्यास) लेखक - डॉक्टर - राकेश कुमार सिंह
4- मौन क्यों पिए हो? (काव्य संकलन) लेखक - डॉक्टर - राकेश कुमार सिंह
५- प्रकाश वृत्त (खंड काव्य) लेखक - डॉक्टर - श्याम लाल यादव 'राजेश'
६- अंकुर संबंधों के (काव्य संकलन) लेखक - डॉक्टर - श्याम लाल यादव 'राजेश'
७- आइना (ग़ज़ल संग्रह) लेखक - राजेन्द्र उपाध्याय 'बेगाना'
८- अनमोल मोती (गीता सार) लेखक - विपिन अग्रवाल
९- आपका बालक (बच्चे का पालन-पोषण) लेखक - सरमनलाल अग्रवाल 'सरन'
१०- बुद्धिमान राजकुमार (बालकथा) लेखक - राज किशोर शर्मा 'राजे'
11- Defilement In Inland Fresh Water Resources (Limnological Profile) Writer- Dr. Yashodhara Sharma
उपर्युक्त सभी किताबें (Rest of 11 Number, published in English) हिन्दी में प्रकाशित हैं और उपलब्ध हैं।
संपर्क:-
Monday, 21 September 2009
Monday, 14 September 2009
दहेज़ की Vedi
'दहेज़ की वेदी' नाटक जो दहेज़ समस्या पर आधारित है, आगरा में १४ सितम्बर २००९ जो कि 'हिन्दी दिवस' भी है को प्रकाशित हुआ है, लेखक हैं सरमन लाल अग्रवाल 'सरन'
Thursday, 10 September 2009
सूरदास, रसखान, रहीम, बनारसी दास, नज़ीर, ग़ालिब, मीर, जैसे मशहूर साहित्यकार आगरा की ही देन हैं. अबुल फज़ल, तानसेन, गंग कवि, इब्नेबतूता, ह्वेनसांग आदि के इतिहास और रचनाएँ आगरा में ही रची गयी हैं.
बाबरनामा, आइने अकबरी, तुजुके जहाँगीरी और बादशाहनामा जैसी आगरा और भारत के इतिहास को बयां करने वाली प्रमुख पुस्तकें यहीं रची गयी हैं.
संस्कृत महाकाव्य रामायण और महाभारत का प्रथम हिंदी अनुवाद आगरा में ही हुआ तथा यहीं से प्रकाशित भी हुआ है.
डा. रामविलास शर्मा, डा. रांगेय राघव, बलबीर सिंह रंग जैसे साहित्य के शीर्ष पुरुष आगरा की ही मिटटी में पल्लवित पुष्प हैं.
क्या आप जानते हैं कि प्रथम 'तार सप्तक' के प्रकाशन के समय उसमें प्रकाशित सात कवियों में से ५ उस समय आगरा में ही थे?
बाबरनामा, आइने अकबरी, तुजुके जहाँगीरी और बादशाहनामा जैसी आगरा और भारत के इतिहास को बयां करने वाली प्रमुख पुस्तकें यहीं रची गयी हैं.
संस्कृत महाकाव्य रामायण और महाभारत का प्रथम हिंदी अनुवाद आगरा में ही हुआ तथा यहीं से प्रकाशित भी हुआ है.
डा. रामविलास शर्मा, डा. रांगेय राघव, बलबीर सिंह रंग जैसे साहित्य के शीर्ष पुरुष आगरा की ही मिटटी में पल्लवित पुष्प हैं.
क्या आप जानते हैं कि प्रथम 'तार सप्तक' के प्रकाशन के समय उसमें प्रकाशित सात कवियों में से ५ उस समय आगरा में ही थे?
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Thanks, 10 Sep. 2009
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